अस्थमा एक दीर्घकालिक श्वसन रोग है, जिसमें व्यक्ति को सांस लेने में परेशानी, सीने में जकड़न, घरघराहट और बार-बार खांसी की समस्या होती है। आयुर्वेद में अस्थमा को “तमक श्वास” कहा गया है।
आयुर्वेदिक उपचार शरीर की जड़ से समस्या को ठीक करने, फेफड़ों को मजबूत बनाने और बलगम को कम करने पर आधारित होता है।
🌿 अस्थमा के लिए आयुर्वेदिक औषधियां (4 दवाओं का सेट)
यह विशेष अस्थमा राहत आयुर्वेदिक कॉम्बो फेफड़ों की सफाई, सांस की नलियों को मजबूत करने और बार-बार होने वाले अस्थमा अटैक से राहत दिलाने में सहायक है।
🧴 इस कॉम्बो में शामिल 4 आयुर्वेदिक दवाएं
1️⃣ कण्टकारी अर्क (Kantkari Ark)
फेफड़ों में जमा बलगम को बाहर निकालने में सहायक
सांस की नली की सूजन कम करता है
खांसी, घरघराहट और सांस फूलने में राहत
2️⃣ अडूसा अर्क (Adusa Ark / वासा)
प्राकृतिक ब्रोंकोडायलेटर
अस्थमा अटैक की तीव्रता कम करता है
सांस लेने में आसानी प्रदान करता है
3️⃣अडूसा वटी
गले और फेफड़ों को शांत करता है
सूखी खांसी और जलन में राहत
रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाता है
4️⃣ कंटकारी कवाथ
सांस की तकलीफ और घरघराहट में उपयोगी
सर्दी-खांसी से जुड़े अस्थमा में लाभकारी
छाती की जकड़न कम करता है
✅ अस्थमा आयुर्वेदिक कॉम्बो के लाभ
✔ सांस लेने में आराम ✔ बार-बार होने वाले अस्थमा अटैक में कमी ✔ फेफड़ों की कार्यक्षमता में सुधार ✔ बलगम और सूजन कम करने में सहायक ✔ प्राकृतिक व सुरक्षित उपचार
🕒 सेवन विधि (How to Use)
(bodey weight 55 to 70kg) – सुबह खाली पेट अडूसा अर्क 20 ML+ 50 ML कंटकारी क्वाथ में मिलाकर ले, इसके तुरंत बाद एक गोली अड़ूसा(वासा) वटी चूसकर या गर्म पानी के साथ ले। जब भी स्वास लेने में तकलीफ़ हो तो एक ढक्कन(5 ml)कंटकारी अर्क बगैर पानी मिलाए ले। शाम को खाली पेट अडूसा अर्क 20 ML+ 20 ML गुनगुना पानी+ एक चुटकी(आधा ग्राम या दो दाने) छोटी पीपल के चूर्ण को मिलाकर ले। रात को सोने से पहले, कंटकारी अर्क 20 ML+ 40 ML गुनगुना पानी+ एक चुटकी सौंठ मिलाकर ले, इसके उपरांत दो गोली अड़ूसा(वासा) वटी ले।
⚠️ सेवन से पहले वैद्य/डॉक्टर की सलाह अवश्य लें।
⚠️ परहेज
आहार – मक्का, बेसन सब्जियां – साग, सरसों, भिन्डी, मेथी, सहजन, पेठा, अरबी, आलू दाल – उड़द फल – केला, कटहल, अनानास, जामुन दूध के पदार्थ – भैंस का दूध, दूध से बने पदार्थ, दही, कच्ची छाज बाजार – पैकेट बंद चीजें न ले। अन्य – इमली, ठंडा पानी, तले पदार्थ, आचार, पापड़, अखरोट, पिस्ता, ठंडा भोजन एवं कफ़ कारक द्रव्य। विहार – विकृत वायु, धूल, विकृत गंध, धूम्रपान, धुआँका सेवन आदि।
Treatment with the pure and natural way of life so that we can remain completely healthy. Only by remaining completely healthy can we fully enjoy nature and life.
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प्रारम्भ से अंत तक देखभाल : आपके उपचार के दौरान, आपकी राहत प्रगति पर नज़र रखने और आपके स्वास्थ्य संबंधी प्रश्नों में मदद करने के लिए आपके साथ जुड़े रहते हैं।
अनुकूलित आहार एवं जीवनशैली : मूल कारण के समग्र उपचार आहार, व्यवहार, प्रकृति और जीवनशैली अनुकूलित उपाय